Poetry - मेरे पापा




 इस दुनिया में जहां बेटी को भोज मानते हैं लोग, 

वहां मुझे खुदा की सबसे बड़ी नेअमत मानते हैं मेरे पापा।

कितना भी परेशान हो मुझे देख कर मुस्कुराते हैं मेरे पापा।

अगर मैं रूठ जाऊं तो परेशान हो जाते हैं मेरे पापा,

और मुझे मनाएं बिना खाना नहीं खाते हैं मेरे पापा।

इसलिए तो मुझे दुनिया में सबसे प्यारे हैं मेरे पापा।

अगर मैं रात को डर जाऊं तो मेरा सर उनकी गोद में रखकर मुझे सुलाते हैं मेरे पापा।

प्यार तो बहुत करते हैं मुझे लेकिन कभी जता नहीं पाते हैं मेरे पापा।

मेरे लिए कितना भी गम वो सेह जाते हैं लेकिन मेरी चुप्पी सेह नहीं पाते हैं मेरे पापा।

इसलिए तो मुझे दुनिया में सबसे प्यारे हैं मेरे पापा।

इस दुनिया में जहां लड़कियों की बातों को नजरअंदाज किया जाता है,

वहां हर छोटे बड़े फसलों में मुझसे मेरी राय पूछते हैं मेरे पापा।

अक्सर लडकियों को बड़े सपने देखने की आजादी नहीं होती, 

लेकिन मुझे बड़े बड़े सपने दिखाते हैं मेरे पापा।

इसलिए तो मुझे दुनिया में सबसे प्यारे हैं मेरे पापा।


A poetry by - Seema's soulful Verses





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